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दहेज़ का सही
जवाब है शून्य।
यह साइट एक व्यंग्यात्मक दहेज़ कैलकुलेटर से शुरू हुई थी। असली बात यह है कि भारत में दहेज़ 1961 से अपराध है, और कानून आपके साथ है।
भारत में दहेज़ लेना, देना और सिर्फ मांगना भी अपराध है। यह 1 जुलाई 1961 से लागू है।
कोई भी रकम कानूनी नहीं है। कोई छूट नहीं है। इसे "गिफ्ट" कहने से भी कुछ नहीं बदलता।
चार मुख्य कानून
दहेज़ लेना या देना
कम से कम 5 साल की कैद, और 15,000 रुपये या दहेज़ के मूल्य, जो भी अधिक हो, का जुर्माना।
दहेज़ मांगना
6 महीने से 2 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक जुर्माना। पैसे का लेन-देन होना जरूरी नहीं। सिर्फ मांगना ही अपराध है।
पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
3 साल तक की कैद और जुर्माना। यह धारा 1 जुलाई 2024 से IPC की धारा 498A की जगह लागू हुई है। मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना भी इसमें शामिल है।
दहेज़ हत्या
7 साल से आजीवन कारावास। यदि शादी के 7 साल के भीतर महिला की असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होती है और दहेज़ के लिए प्रताड़ना साबित होती है, तो कानून यह मानकर चलता है कि आरोपी ने ही मृत्यु कारित की।
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स्रोत
आम सवाल
क्या भारत में दहेज़ लेना गैरकानूनी है?
हां। दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत भारत में दहेज़ लेना और देना अपराध है। धारा 3 के अनुसार कम से कम 5 साल की कैद और 15,000 रुपये या दहेज़ के मूल्य, जो भी अधिक हो, का जुर्माना है। धारा 4 के तहत केवल दहेज़ मांगना भी अपराध है, जिसकी सजा 6 महीने से 2 साल तक है।
दहेज़ मांगने पर क्या सजा है?
दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत केवल मांगने पर 6 महीने से 2 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके लिए पैसे का लेन-देन होना जरूरी नहीं है। सिर्फ मांगना ही अपराध पूरा कर देता है।